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Showing posts from November, 2018

2.0

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फ़िल्म समीक्षा - 2.0 नई दिल्ली /यह धरती सिर्फ  मनुष्यों की निजी संपत्ति नही है। इस पर पशु-पक्षियों समेत सभी प्राणियों का उतना ही हक है।मानव जीवन के लिए चिड़ियों का होना भी आवश्यक है।  डायरेक्टर शंकर ने अपनी जबर्दस्त टेक्नॉलजी बेस्ड फिल्म के माध्यम आखिर में यही संदेश देने की कोशिश की है। भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्म 2.0 के निर्माताओं ने इसमें हॉलिवुड लेवल की 3डी तकनीक और वीएफएक्स का इस्तेमाल किया है। यही वजह है कि इस फिल्म का बजट 600 करोड़ पार कर गया है। 2.0 को 2010 में आई 'रोबॉट' की सीक्वल की बजाय स्प्रिचुअल सक्सेसर बताया जा रहा है। यानी कि फिल्म की कहानी पिछली फिल्म से एकदम अलग है, लेकिन इसमें कुछ कैरक्टर पिछली फिल्म के भी हैं। हालांकि फिल्म की कहानी के तार पिछली फिल्म से भी जुड़ते हैं। फिल्म की कहानी कुछ यूं है कि पक्षियों को मोबाइल के रेडिएशन के चलते होने वाली परेशानी से तंग आकर एक पक्षी विज्ञानी पक्षीराजन (अक्षय कुमार) मोबाइल टावर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेता है। उसके कुछ अरसे बाद चेन्नै शहर में अचानक से लोगों के मोबाइल फोन उनके हाथों से छूटकर आसमान की ओर जाने ल...

काशी का क्योटो होना

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काशी का क्योटो होना   श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर काॅरिडोर के काम के तहत अधिग्रहित भवनों के तोड़े जाने के दौरान हैरान करने वाली तस्वीरे सामने आ रही हैं। जिसमें चंद्रगुप्त काल से लगायत मंदिरों सहित हजारों साल से दुनिया के लिये गुम हो चुके प्राचीन मंदिर निकलकर सामने आ रहें हैं। दुःख और शर्म की बात यह है कि इन प्राचीन मंदिरों का गुम होना किसी मुगल या विदेशी आक्रांताओं की वजह से नहीं हुआ। ऐसा... प्राचीन काशीविश्वनाथ मंदिर परिसर के इर्दगिर्द खुद को पंडे-पुजारी-महंथ और पुरातन स्थानीय निवासी कहने वालों के द्वारा प्राचीन मंदिरों को छुपाते हुए उसके आवरण के रूप में... भवन-दूकानें-धर्मशालायें बना कर अवैध सांस्कृतिक-पौराणिक-धार्मिक-ऐतिहासिक कब्जेधारियों और अतिक्रमणकारियों के स्वार्थी नीयत के चलते हुआ है। दुनिया की सबसे प्राचीन जीवंत नगरी काशी के गर्भ में कई इतिहास दफ़्न हैं। ऐसे ही कई इतिहास विश्वनाथ कारीडोर योजना में निकलकर के अब सामने आ रहे हैं। बहुत से ऐसे ऐसे प्राचीन मंदिर इस कॉरिडोर के बनने के बाद सामने आये हैं, जिन्‍हें हजारों साल से भुलाया जा चुका है। श्...

सियासत

****** " सियासत " .....पांच विधान सभाओं के चुनाव परिणाम 11 दिसम्बर को आने वाले है लेकिन इस परिणाम से कोई परिवर्तन दिखेगा ऐसा मुगालता कमसे कम जागरूक लोग तो नहीं ही पाल रहे है ।         2019 के आम चुनाव किभी डुगडुगी बजने वाली है । विडंबना ही कहीं जाएगी की इससे भी कोई उम्मीद नहीं की जानी चाहिए ।          सांप नाथ हार गए तो नागनाथ जीत जाएंगे । जीत हार चाहे जिसकी हो सिस्टम वहीं रहेगा ।             (१) क्या किसी गरीब को बिना घूस दिए निर्बल                    आवास , लाल राशन कार्ड बन जाएगा ?                    ******************************                 (२) जाति वाद , सांप्रदायिकता , सच्चा हिन्दू ...

उदहारण - कहानी

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                     उदाहरण...... वि द्यालय के नए भवन के उद्घाटन का दिन है पूरे परिसर में प्रात: काल से ही एक हलचल सी मची हुई है . वर्मा जी चारों ओर चक्कर काट काट कर मानो फिरकी हुए जा रहे हैं, आखिर संयोजक के नाते कार्यक्रम के सफल सम्पादन का दायित्व उनके सन से सफ़ेद बालों वाले सर पर जो था .             कभीं सजावट-साउंड वाले डबलू को मीठी डांट तो कभी स्कूल के वालेंटियर छात्रो को समझाते , दूर खड़े प्रधानाचार्य जी यह दृश्य देख आश्वस्त से मुस्कुराते हैं तो वर्मा जी वैसा ही प्रतिउत्तर दे कर और भी आश्वस्त कर देते हैं .                                                     धीरे-धीरे तैयारी अपनी पूर्णता की ओर पहुँच गयी या यूं कहें कि जै...

छठ पर्व पर दिल्ली में भी सरकारी अवकाश

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नई दिल्ली: आस्था का महापर्व छठ हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह चार दिनों तक मनाया जाता है। इस साल छठ पर्व 11 नवंबर को शुरू हुआ और 14 नवंबर को खत्म होगा। खास कर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह त्यौहार प्रमुखता से मनाया जाता है। इस मौके पर बिहार में स्कूल, कॉलेज और सरकारी ऑफिसों में छुट्टियां रहती हैं। इतना ही नहीं बिहार में 13 और 14 नवंबर को बैंक भी बंद रहेंगे। देश की राजधानी दिल्ली में भी छठ को लेकर खास तैयारियां की दी हैं। इस मौके पर दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने भी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है। सरकार के आदेश के बाद मंगलवार को दिल्ली सरकार की सभी स्कूल बंद रहेंगी। भगवान भास्कर की आराधना का 4 दिवसीय महापर्व छठ नहाय-खाय के साथ रविवार से शुरू हो गया। आस्था के पर्व छठ के प्रथम दिन प्रात: व्रती अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पटना के गंगा घाट सहित प्रदेश के अन्य नदियों के घाटों और तालाबों के किनारे पहुंचे तथा स्नान एवं पूजा अर्चना के साथ नहाय-खाय की रस्म पूरी की।  नहाय-खाय के दौरान व्रती अरवा चावल का भात, चने की दाल, कद्दू की सब्जी तथा धनिया के पत्ते की चटनी का भ...